“जो कभी तुम मिल जाओ”

PC: long dist. Love

“आज हम होंगे और करीब,
पता नहीं कब तुम बगल से मुस्कुराकर चली जाओ।
ढूढ़ंते तो जरूर फिरेंगे हम,
बस डर है कहीं तुम शर्मा कर न चली जाओ।

अब तक न देखा तुम्हें,
पर एक ही झलक में सारी दुनिया देख ली।
पहले तो हम न मिले कभी,
पर फिर भी मेरे शब्दों को आज एक वजह मिल गयी।

चंद लमहे ही काफी हैं,
तुमसे मिलने के लिए।
दो वक्त जो मिल जाये;काफी है,
संग तुम्हारे जीने के लिए।

शब्द भी मेरे अब कुछ कम से लगने लगे हैं,
जितना सोचा उतना लिख भी न पाऊंगा।
वजह तो नहीं पता,
अगर मुस्कुराते हुए देख लूँ तुम्हें,तो बस देखता ही रह जाऊंगा।।”

©Abhi

PS: Based on certain feelings,because of Someone,something like imagination.. 😊

Stay Happy 💐

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48 thoughts on ““जो कभी तुम मिल जाओ”

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